होली क्यों मनाई जाती है? – Happy Holi

होली का नाम सुनते ही हमारे मन मे एक खुशी की लहर दौड़ जाती है और हो भी क्यो ना? क्योंकि ये त्यौहार ही ऐसा है। दोस्तों आज आपको होली के बारे बहुत ही अच्छी और रोचक जानकारी मिलेगी।

होली एक ऐसा त्योहार है भारत मे ही नही लगभग विश्व के अधिकांश हिस्सों में मनाया जाता हैं। हाँ भारत इसका एक प्रमुख हिस्सा है जंहा सभी धर्म के लोग इसे पूरी खुशी के साथ मानते है। जँहा हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, यहूदी, जैन आदि अनेक धर्मो के लोग एकसाथ मानते है, ओर इस त्यौहार की ये सबसे बड़ी खूबी है।
Happy Holi
 
Next 10 Years Holi calender from 2021-2030
 
2021
28 March 2021 – Holika Dahana
29 March 2021 – Holi
 
 
2022
17 March 2022 – Holika Dahana
18 March 2022 – Holi
 
 
2023
07 March 2023 – Holika Dahana
08 March 2023 – Holi
 
 
2024
24 March 2024 – Holika Dahana
25 March 2024 – Holi
 
 
2025
13 March 2025 – Holika Dahana
14 March 2025 – Holi
 
 
2026
03 March 2026 – Holika Dahana
04 March 2026 – Holi
 
 
2027
21 March 2027 – Holika Dahana
22 March 2027 – Holi
 
 
2028
10 March 2028 – Holika Dahana
11 March 2028 – Holi
 
 
2029
28 Feb 2029  – Holika Dahana
01 March 2029 – Holi
 
 
2030
19 March 2030 – Holika Dahana
20 March 2030 – Holi

होली के पीछे का पौराणिक सत्य।

 
होली मार्च के महीने में पूर्णिमा को मनाई जाती है। ऐसा माना जाता हैं कि हिरण्यकश्यप नाम का एक असुर अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए कई वर्षों तक भगवान विष्णु की तपस्या की। जिसकी तपस्या से खुश होकर भगवान विष्णु प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा, तब हिरण्यकश्यप ने भगवान विष्णु से वरदान मांगा : की मेरी मृत्यु न दिन में हो और न ही रात में। मुझे ना कोई मनुष्य मार सके और न कोई जानवर। मैं न ही किसी अस्त्र से ओर न ही किसी शस्त्र से। तब भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप को ये वरदान दिया।
इस वरदान को प्राप्त करने के बाद हिरण्यकश्यप अपने आप को भगवान मानने लगा और अपने राज्य में सभी को ये निर्देश दिए कि सभी को मेरी पूजा करनी होगी। आज के बाद कोई भी भगवान विष्णु की पूजा नही करेगा अन्यथा उसे मृत्यु दंड दिया जाएगा। सभी हिरण्यकश्यप के डर से उसकी पूजा करने लगे। लेकिन हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद ये बात नही मानता था। वो एक विष्णु भक्त था और यही बात हिरण्यकश्यप को बुरी लगती थी। उसने अपनी तरफ से काफी प्रयास किये की प्रह्लाद विष्णु की पूजा ना करे लेकिन उसके सभी प्रयास विफल रहे।
अंत मे उसने भक्त प्रह्लाद को मारने के प्रयास करने शुरू कर दिए लेकिन हर बार नाकामयाब हो जाता था। तब उसे अपनी बहन होलिका की याद आयी जिसे वरदान प्राप्त था कि वह आग में नही जल सकती। हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को बुलाया और कहा कि वह प्रह्लाद को लेकर आग में बैठ जाये ताकि प्रह्लाद की जलने की वजह से मृत्यु हो जाये। होलिका ने ठीक वैसे ही किया परंतु भक्त प्रह्लाद भगवान विष्णु का निरंतर जाप करता रहा। और भगवान का काम है अपने सच्चे भक्त को हर मुसीबत से बचना। परिणाम स्वरूप होलिका की आग में जलने से मृत्यु हो गयी और प्रह्लाद को कुछ भी नही हुआ।
तभी से होलिका के नाम पर होली का त्यौहार मनाया जाने लगा। अंत मे हिरण्यकश्यप की मृत्यु विष्णु के अवतार नरसिंह द्वारा हुई थी।

Happy Holi

होली को कैसे मनाया जाता है?

 
होली का त्यौहार दो दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन घर की सभी महिलाएं नहा धोकर तैयार होती है। उसके बाद कई तरह के पकवान बनाकर भगवान को भोग स्वरूप चढ़ाया जाता है। और पूरे विधि विधान पूर्वक पूजा की जाती है, फिर घर के सभी बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है।
शाम के समय सभी महिलाएं और बच्चे तैयार होकर उस स्थान पर पहुँचते है जंहा होली (जलाने के लिए) बनाई जाती है और वंहा पर रीति रिवाज अनुसार पूजा और भजन कीर्तन होता है। और फिर रात को होली में आग लगाई जाती है।
होली में आग लगाना मुख्यतः बुराई को खत्म करना और अच्छाई को अपनाने का प्रतीक है।
दूसरे दिन सभी सुबह उठ कर होली (दुल्हेंडी) खेलने के लिए तैयार हो जाते है। इस दिन मुख्यतः सभी अपने दोस्तों रिश्तेदारों के घर रंग-गुलाल लेकर पहुंचते है। और एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर ओर गले मिलकर त्यौहार मनाते है।
आजकल होली को अलग अंदाज में या यूँ कहे नए अंदाज में मनाया जाता है। जैसे तेज आवाज में (DJ) गाने चलाकर नाचते है और होली का त्यौहार मनाते है।

Happy Holi

कुछ जरूरी बिन्दु:

 

होली पर क्या करना चाहिए :

  • होली के दिन Natural ओर Organics रंग-गुलाल का प्रयोग करें।
  • पक्के रंगों का इस्तेमाल न करें।
  • इस दिन पूरी बाँह वाले कपड़े पहने। इससे केमिकल वाले रंगों से आपकी त्वचा का बचाव होगा।
  • श्वांस के रोगी मास्क का इस्तेमाल करें।

होली पर क्या नही करना चाहिए :

  • जितना हो सके केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल न करे।
  • ध्यान रखे कि किसी भी व्यक्ति की आंखों और बालों पर रंग न लगाय। ख़ासकर बच्चो को।
  • जिनको भी त्वचा रोग हो उनको रंग न लगाएं।
  • अंजान व्यक्तियों को रंग न लगाएं।
होली एक बहुत ही धूमधाम ओर नाच गा कर मनाया जाने वाला त्यौहार है जोकि लगभग विश्व भर में मनाया जाता है। अतः आप भी इसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाये ओर आंनद लें।
होली की ढ़ेरो शुभकामनाएं।

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